योग क्या होता है?(yoga in hindi)योग से होने वाले लाभ

दोस्तों आजकल के समय में इंसान भागदौड़ में इतना ब्यस्त रहता है, कि वह अपने शरीर का ध्यान रखना भूल जाता है, और अनेक रोगो का शिकार हो जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि हम सुबह में एक घंटा या उससे काम समय तक योग (yoga in hindi) करके अपने आप को स्वाथ्य रख सकते है, तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम जानेगे की योग (yoga in hindi) क्या होता है? और योग से होने वाले लाभ के बारे में, अतः आप इस पोस्ट को पूरा पढ़िए जिससे आपको पता चल जाये कि योग क्या होता है।

योग क्या होता है? (What is yoga in hindi)

दोस्तों कहा जाता है की योग का नाम संस्कृत के एक सब्द युज से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है आत्मा का जुड़ना। योग से मनुष्य अपने आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। वैसे तो योग भारतीय सांस्कृति में लगभग पांच हजार साल पुरानी है, योग को कुछ लोग शारीरिक व्यायाम के लिए भी करते है, पुराने ज़माने में योग विद्या भी सिखायी जाती थी। योग कई सदियों से हमारी परम्परा चली आ रही है, अनेक बिख्यात योगियों, दार्शनिको और ज्ञानियों ने अलग-अलग तरीके से योग (yoga in Hindi) को परिभाषित किया है। योग की चर्चा हमारे बेंदो, पुराणों में भी की गयी है।

दोस्तों यह तो हो गयी कि योग क्या होता है? अब हम जानेगे कि योग कितने प्रकार का होता है।

योग के प्रकार (Types of yoga in hindi)

दोस्तों वैसे तो कहा जाता है कि योग अनेक प्रकार के होते है, लेकिन छः प्रकार के योग मुख्य रूप से प्रसिद्ध है, और इस योग को लोग वर्षो से कर रहे है।

  1. कर्म योग
  2. भक्ति योग
  3. ज्ञान योग
  4. राज योग
  5. हठ योग
  6. तंत्र योग
  7. कर्म योग

1.कर्म योग

दोस्तों कर्म योग का कार्य होता है, किसी भी काम को निस्वार्थ करना, कर्म योग करने के लिए आपको आपको तन, मन से किसी भी जीव के सेवा के लिए स्वय का आत्मसमर्पण कर देना, कर्म योग में मनुष्य अपने मोह-माया का त्याग कर देता है और ईश्वर की भक्ति में लीं हो जाता है, कर्म योग करने से मन की शुद्धि हो जाती है, और हमारे मस्तिष्क से नकारात्मक विचार हट जाते है, कर्म योग का चर्चा हमारे भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण द्वारा किया गया था।

2. भक्ति योग

भक्ति योग का अर्थ होता है प्रेम-भावना से रहना, जो व्यक्ति किसी भी पशु, पछी, मनुष्य आदि से निस्वार्थ प्रेम करता है, वह भक्ति योग के श्रेणी में आता है, भक्ति योग कोई भी कर सकता है चाहे वह आमिर हो, या फिर गरीब। अगर हम किसी भी भगवान की पूजा निस्वार्थ मन से करते है, तो वह भक्ति योग के अंतर्गत आता है, निस्वार्थ मन से किसी की भी पार्थना करना भक्ति योग के अंतर्गत आता है।

3. ज्ञान योग

ज्ञान योग करने से हमारे अंदर के नकारात्मक विचार धाराओं का शुद्धिकरण हो जाता है, और इससे हमारे अंदर सकारात्मक (अच्छी सोच) बिचार धाराएं आ जाती है, जिससे की हमारे अंदर की आत्मा शुद्ध हो जाती है, और हमारे अंदर बुद्धि का विकास होता है, ज्ञान योग को सबसे कठिन योग में से एक योग माना जाता है।

4. राज योग

राज योग में मोह, माया, असत्य का त्याग कर इंसान अपने मन और विचारधाराओ को एकाग्र करके साधना में विलीन होना। राज योग को अष्टांग योग भी कहा जाता है, यह पंतजलि द्वारा रखा गया था। इसके आठ अंग होते है।

  1. यम
  2. नियम
  3. आसन
  4. प्राणायाम
  5. प्रत्याहार
  6. धारणा
  7. ध्यान
  8. समाधि

5. हठ योग

हठ योग राज योग का ही एक अंग है, हठ योग प्रायः दो शब्दों से मिलकर बना है ह+ठ, जिसमे ह का अर्थ होता है दिन, और ठ का अर्थ होता है रात, इसको कुछ लोग ह को सूर्यनाड़ी तथा ठ को चन्द्रनाड़ी भी बोलते है, हठ योग के सन्दर्भ में एक श्लोक भी है- हकार कपितः सूर्य ठकारश्चचन्द्र उच्यते, सूर्य चन्द्रमसोयोगाद हठयोग निगघते।

अर्थात- जब सूर्यनाडी और चन्द्रनाड़ी का समायोजन होता है, तो उस समय हठ योग की उत्पत्ति होती है, हठ योग से आप शरीर के माध्यम से अपने मन पर भी नियंत्रण और मन को एकाग्र बना सकते है।

6. तंत्र योग

तंत्र योग का उपयोग पश्चिमी देशो के लोग ज्यादा करते है, तंत्र योग का मतलब होता है, अपने दिमाग की शक्ति को बढ़ाना। लेकिन कही-कही इसका बहुत गलत उपयोग किया जाता है, इसका उपयोग कामसुख प्रेमी-प्रेमिका में प्यार आदि के लिए किया जाता है, लेकिन तंत्र योग का यह मतलब नहीं होता है, तंत्र योग का सही मतलब होता है, अपने किसी काम को सही तरीके से तंत्र विद्या के माध्यम से करना।

 yoga in Hindi
Yoga in Hindi

योग कहाँ, कैसे करे और योग करने का सही समय

दोस्तों सिर्फ योग करने से बात नहीं बनती है, आपको पता होना चाहिए की योग कहाँ, कैसे और योग करने का सही समय क्या होता है? तो चलिए इन सब के बारे में जान लेते है।

योग (yoga in hindi) कहाँ करना चाहिए?

योग जहाँ तक हो सके किसी पार्क या किसी खुले स्थान पर करना चाहिए, जहाँ शान्ति हो और खुला वातावरण हो, जिससे की आप एक खुले वातावरण और वहां की ताज़ी हवा का भी आनन्द उठा सके, लेकिन अगर किसी कारण से यह सम्भव नहीं हो पाता है, तो आप अपने घर में ही एक खुली और स्वच्छ जगह देखकर योग कर सकते है।

कैसे करना चाहिए योग (yoga in hindi) ?

दोस्तों योग करने से पहले आपको हाथ-पैर साफ़ से धो लेना चाहिए और आपको एक स्वच्छ मैट ले लेना चाहिए तथा योग करने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए की आप स्वास्थ्य है की नहीं अगर आपको लगता है की आप अस्वस्थ्य है तो पहले आप फिट हो जाये तब फिर योग करे, योग हमेशा खाली पेट करना चाहिए, योग करते समय आप ज्यादा ठंडा पानी पानी न पिए, अगर आप योग का शुरुआत कर रहे है तो आप ज्यादा कठिन आसन न करे हमेशा सरल आसन से शुरू करे, अगर आप इन सब बातो का ध्यान रखकर योग करेंगे, तो आपको आगे किसी भी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा।

योग (yoga in hindi) करने का सही समय

दोस्तों कहा जाता है की अगर आप सुबह-सुबह योग करते है, तो यह आपको लिए बहुत फायदेमंद रहता है, लेकिन अगर किसी वजह से आप सुबह योगF नहीं कर पाते है, तो आप शाम को सूर्यास्त के समय योग कर सकते है। इस समय भी योग करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी आरामदायक होता है।

योग करने से होने वाले लाभ (Benefits of doing yoga in hindi)

दोस्तों योग करने से हमारे शरीर और स्वास्थ्य को काफी ज्यादा लाभ होता है, तो चलिए जान लेते है की योग करने से हमारे शरीर को क्या-क्या लाभ होता है?

1.तनाव कम होता है

दोस्तों आजकल के इस भागदौड़ में लोगो को काफी तनाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन अगर आप नियमित योग करते है, तो आपका तनाव काफी कम रहता है, और आपका मन भी काफी शांत रहता है।

2.नींद अच्छी आना

दोस्तों अगर आप नियमित योग करते है तो आपको अच्छी नींद आएगी, जिससे आप आराम से सो पाएंगे।

रोग मुक्त होना

अगर आप योग करते है, तो आपको काफी कम रोग होने का खतरा रहता है, और अगर आपके पास को रोग है भी तो वह भी शाही हो जाता है।

4.मन प्रसन्न रहना

अगर आप नियमित योग करते है तो आपको मन हमेशा प्रसन्न रहेगा और आपके अंदर को दिमागी टेंसन नहीं रहेगा आप हमेशा खुश रहेंगे।

टिपण्णी

दोस्तों योग करना हमारे जीवनकाल में बहुत जरुरी है, लेकिन योग करने से पहले आपको योग के बारे में पता होना चाहिए, तो दोस्तों उम्मीद है की यह पोस्ट पढ़कर आपको योग (yoga in hindi) के बारे में काफी ज्यादा ज्ञान हुआ होगा, और आपको योग के बारे में काफी बातो का पता चला होगा, अतः अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे आगे और अधिक शेयर कीजिये जिससे और अधिक लोग को योग के बारे में पता चल सके, और वे योग करके स्वाथ्य रह सके धन्यबाद।

इस पोस्ट को भी पढ़े- वजन कैसे बढ़ाये। How to gain weight in Hindi

6 thoughts on “योग क्या होता है?(yoga in hindi)योग से होने वाले लाभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *