योग के प्रमुख आसन तथा उससे होने वाले लाभ (yogasan in hindi)

दोस्तों योग करना हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन आप योग को तभी कर सकते है, जब आप को योग के आसन के बारे में जानकारी हो, अगर आपको योग के आसान के बारे में जानकारी नहीं है तो आपको योग करने में काफी परेशानी हो सकती है, जिसके कारण आप योग करना छोड़ सकते है, इसलिए अगर आप चाहते है की आप नियमित योग करे और आपको कोई परेशानी न हो तो आप इस पोस्ट (yogasan in hindi) को जरूर पढ़े।

क्या हमें योग करना चाहिए?(Should we do yogasan in hindi?)

दोस्तों बहुत से लोग सोचते है, की क्या हमें योग करना चाहिए योग करना हमारे लिए जरुरी है या न नहीं, तो मै बता दूँ की अगर आप चाहते है, की आपको किसी भी प्रकार के बीमारी का सामना न करना पड़े और आप हमेशा स्वाथ्य और खुश रहे, तो आपको योग जरूर करना चाहिए।

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योग किसको करना चाहिए?(Who should do yogasan in hindi?)

दोस्तों योग कोई भी कर सकता है, बूढ़े, जवान और बच्चे सबके लिए योग करना जरुरी है, और सब लोग अलग अलग आसन कर सकते है।

योग करना आसान है या कठिन

दोस्तों बहुत से लोग सोचते है की योग करना बहुत कठिन है, लेकिन ऐसा नहीं है अगर आप शुरू शुरू में कोई कठिन आसन करने लगते है, तो योग करना आपको कठिन लग सकता है, इसलिए आपको योग शुरआत करते समय किसी सहज आसन से शुरू करना चाहिए, इससे आपको योग करना आसान लगेगा, और आपको किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

योग के प्रमुख आसन और लाभ (yogasan in hindi)

दोस्तों आइये अब हम जान लेते है, योग के कुछ प्रमुख आसन (yogasan in hindi) के बारे में जिसको करके आप स्वाथ्य रह सकते है।

1.अधोमुख श्वानासन योग (adhomukh svanasan yogasan in hindi)

अगर आप योग का शुरुआत कर रहे है, तो आपको अधोमुख श्वानासन योग को करना चाहिए, यह सबसे आसान योगासन में एक माना जाता है।

करने की विधि-

  1. सबसे पहले आप किसी स्थान पर योग मैट या चटाई को जमीन पर बिछा दे।
  2. उसके बाद आप वहां पर खड़े हो जाये और फिर अपने पैरो के बीच कुछ दूरी को बना ले।
  3. अब आप धीरे धीरे अपने सिर को जमीन तरफ झुकाएं और अपने हाथो को जमीन पर रखकर जमीन और शरीर के बीच V आकार बना ले।
  4. इसके बाद अब आप कमर को धीरे धीरे ऊपर उठाये।
  5. तथा अपने पैरो के घुटनो और कोहनियो को टाइट बनाये रखे।
  6. अब लम्बी साँस ले और कुछ समय तक इस योग में बने रहे।

फायदे

  1. इस योग को करने से आपके शरीर की मांसपेशिया मजबूत होती है।
  2. यह शरीर में ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे की आप स्वाथ्य और खुश रह सकते है।
  3. यह रीढ़ की हड्डियों को लचीला एवं मज़बूत बनाने में सहायक होता है।

2.सुखासन योग (Sukhasan yogasan in hindi)

इस योगासन को बच्चे भी कर सकते है, क्योकि यह काफी सरल योगासन है इसलिए आइये हम जान लेते है, इसको करने की विधि के बारे में।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आपको एक योगा मैट या चटाई को बिछाकर उसपर दोनों पैर फैलाकर बैठ जाना है।
  2. उसके बाद आप बांया पैर को मोड़े और अपने दाहिने जंघे के नीचे कर ले।
  3. तथा दांया पैर को बाये जंघे के नीचे रख ले।
  4. उसके बाद आप दोनों हाथो को अपने घुटनो पर रख ले।
  5. और फिर आप सीधे बैठकर अपने रीढ़ की हड्डी को सीधा करे।
  6. उसके बाद साँस लेते हुए अंजनी मुद्रा में या फिर ज्ञान मुद्रा में योग को करे।

लाभ

  1. अगर आप इस आसन को करते है, तो इससे आपकी पीठ और जंघा लचीला बनता है।
  2. छाती की चौड़ाई बढ़ाने में सहायक होता है।
  3. मानसिक तनाव को दूर करता है।

3.कोणासन योग (Konasan yog)

कोणासन योग का कोण+आसन शब्द से मिलकर बना है, इस योग को करते समय हमारा शरीर कोण की तरह हो जाता है, इसलिए इस योग को कोणासन योग का नाम दिया गया है।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आपको एक योगा मैट या चटाई को लेकर उसपर खड़े हो जाना है।
  2. उसके बाद अपने पैरो को धीरे धीरे फैलाना है।
  3. दोनों फैरो के बीच लगभग 3 फिट की दूरी होनी चाहिए।
  4. अब अपने रीढ़ की हड्डियों और गर्दन को सीधा रखे तथा लम्बी लम्बी साँस ले।
  5. अब अपने दोनों हाथो को फैलाये।
  6. और अब दाये पैर के घुटनो को मोड़े तथा दांये हाथ की हथेली को दांये पैर के आगे तक ले जाये।
  7. तथा बाये हाथ को अपने सिर के ऊपर से बाहर की तरफ ले जाये।
  8. अब शरीर को इस आसन में कुछ समय के लिए स्थिर करके रखे और फिर वापस पहले की मुद्रा में आ जाये।
  9. इसी तरह आप बाये तरफ भी करे।

फायदे

  1. इस योगासन को करने से फेफड़े मज़बूत होते है।
  2. यह योग शरीर को लचीला बनाने में सहायक होता है।
  3. इस योग को करने से कमर भी मज़बूत होती है।
  4. यह खून को भी साफ़ करता है।

4.ताड़ासन योग (Tadasan yoga)

ताड़ासन सब ताड़+आसन शब्द से मिलकर बना है जिसमे ताड़ का अर्थ होता है खजूर का पेड़ इसलिए आइये इसके विधि को जानते है।

करने कि विधि

  1. सबसे पहले आप खड़े हो जाये और अपने पैरो को आपस में सटा ले।
  2. तथा अपने हाथो की अंगुलियों को आपस में जोड़कर अपने हाथो को नीचे की ओर टाइट करे।
  3. और अपने गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा करे।
  4. अब लम्बी साँस ले और अपने हाथो को ऊपर की तरफ ले जाये।
  5. इसके बाद अपने पैरो की एड़ियों को ऊपर उठाये तथा शरीर के पुरे भार को पैर के पंजो पर रख ले।
  6. और कुछ समय तक इसी मुद्रा में बने रहे।
  7. उसके बाद साँस लेते हुए अपने हाथो को धीरे धीरे नीचे की ओर लाये और अपने पहले की मुद्रा में हो जाये।

फायदे

  1. इस आसन को करने से शरीर संतुलन बना रहता है।
  2. बच्चो के शारीरिक बृद्धि में सहायक होती है।
  3. इस आसन से जंघे और पैर मज़बूत होते है।
  4. जिन लोगो का पीठ और गर्दन दर्द करता है, उनके लिए यह योग करना फायदेमंद होता है।

5.उत्तानपादासन योग (Uttanpadasan yoga)

उत्तानपाद योग संस्कृत शब्द के उत्तान+पाद शब्द से बना है, जिसमे उत्तान का अर्थ होता है उठाना और पाद का अर्थ होता है पैर उठाना।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप योग मैट या चटाई को बिछाकर उसपर पीठ के बल लेट जाये।
  2. और अपने दोनों हाथो को सीधा करके शरीर से सटा ले।
  3. अब अपने हाथो को जमीन पर दबाते हुए पैरो के पंजो को बहार खींचे।
  4. उसके बाद हल्का साँस भरते हुए अपने पैरो को लगभग 30 से 45 डिग्री पर ऊपर की तरफ उठाये।
  5. और कुछ समय तक इसी आसन में बने रहे
  6. उसके बाद धीरे धीरे साँस को छोड़ते हुए पैरो को नीचे लाकर वापस उसी मुद्रा में हो जाये।

फायदे

  1. इस योगासन को करने से पेट संबधित बीमारिया सही हो जाती है।
  2. इसको करने से साँस सम्बंधित बीमारिया भी ख़त्म हो जाती है।
  3. इस योग को करने से पैरो में रक्त संचालन अच्छी तरह से होता है।
  4. यह पैर दर्द को भी कम करता है।

6.वीरभद्रासन योग (Veerbhadrasan yoga)

वीरभद्रासन योग को शरीर में बल और स्फूर्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है, इस योग का चर्चा धार्मिक कथाओ में भी होता है।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप मैट पर सीधे खड़े हो जाये।
  2. उसके बाद अपने दांये पैर को आगे की तरफ फैलाये जहा तक फैला पाए।
  3. तथा अब आप दोनों हाथो को कमर के ऊपर रखे।
  4. इसके बाद अब आगे वाले पैर के घुटनो को मोड़े तथा पीछे वाले पैर के घुटनो को सीधा रखे।
  5. पीछे वाले पैर की एड़ी को जमीन से सटाये रहे।
  6. अब धीरे धीरे अपने दोनों हाथो को ऊपर की तरफ ले जाकर आपस में सटा ले।
  7. और गर्दन को थोड़ा ऊपर करे।
  8. तथा कुछ समय तक इस आसन में बने रहे, और फिर वापस उसी मुंद्रा में आ जाये।
  9. इसी तरह आपको बाये पैर के तरफ भी करना है।

फायदे

  1. इस योग को करने से शरीर के सभी अंग लचीले बनते है।
  2. साँस की क्रिया को बेहतर बनाता है।
  3. इस योग से पैरो की बीमारिया दूर हो जाती है।

7.शवासन योग (Shavasan yoga)

दोस्तों शवासन लगभग सभी लोगो का प्रिय आसन है। शवासन संस्कृत के दो शब्दों शव+आसन से मिलकर बना है जिसमे शव का अर्थ होता है मृत और आसन का अर्थ होता है बैठना।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप अपने स्थान पर पीठ के बल लेट जाये
  2. और हाथो पैरो के बीच कम से कम एक से दो फीट की दुरी बना ले।
  3. अपने हाथ की हथेलियों को आसमान की तरफ खुला छोड़ दे।
  4. और आखे आराम से बंद कर ले।
  5. अपने हाथो पावो की अंगुलिया और शरीर को एकदम ढीला कर दे।
  6. अब धीरे धीरे लम्बे साँस भरे और साँस बहार कर करे।
  7. कुछ समय तक इसी आसान में बने रहे।

फायदे

  1. इस योग को करने से आपके मन को शांति मिलती है।
  2. यह तनाव को समाप्त करने में काफी मदद करता है।
  3. इस योग से आपको अनिद्रा जैसी बीमारिया ख़त्म हो जाती है।

8.वज्रासन योग (Vjrasan yoga)

दोस्तों वज्रासन योग वज्र+आसन शब्द से मिलकर बना है, जिसमे वज्र का अर्थ होता है कठोर और आसन का अर्थ होता है बैठना, इस योग को खाने के तुरंत बाद करना लाभकारी माना जाता है।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप मैट पर अपने दोनों पैरो को आगे की तरफ फैलाकर बैठ जाये।
  2. अब अपने बाये पैर को पीछे की तरफ मोड़े।
  3. तथा फिर दाए पैर को भी पीछे की तरफ मोडे।
  4. अब दोनों हाथो को अपने जांघो पर रखे।
  5. और कुछ समय तक इस आसन में बने रहे।

फायदे

  1. इस आसन को करने से शरीर में ऊर्जा और बल की प्राप्ति होती है।
  2. इससे रीढ़ की हड्डिया मजबूत हो जाती है।
  3. इस योग से पीठ दर्द और कमर दर्द समस्या को कम करता है।
  4. पेट सम्बंधित बीमारियों को कम करने में भी सहायक होता है।

9.वीरासन योग (Virasan yoga)

वीरासन योग की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्द वीर+आसन से हुई है, जिसमे वीर का अर्थ होता है ताकतवर या योद्धा और आसन का मतलब होता है बैठना। इस योग को करने से शरीर के अनेक रोगो का खात्मा हो जाता है।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप वज्रासन मुद्रा में हो जाये।
  2. उसके बाद अपने दांये पैर को शरीर से थोड़ा दूर निकाल दे।
  3. तथा अपने बांये पैर को भी शरीर से बहार निकाले।
  4. आपकी नितम्ब और जंघे दोनों जमीन से सटे हो।
  5. और इसी मुद्रा में कुछ समय तक रहे।

लाभ

  1. वीरासन योग को करने से शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।
  2. इस आसन को करने से भोजन सही रूप से पचता है।
  3. इससे पेट सम्बंधित बीमारिया सही हो जाती है।
  4. इस योग को करने से रक्त संचालन सही होता है।

10.गोमुखासन योग (Gomukhasan yoga)

दोस्तों गोमुखासन संस्कृत के दो शब्द गोमुख+आसन से मिलकर बना है, जिसमे गोमुख का अर्थ होता है गाय का मुँह और आसन का अर्थ होता है बैठना।

करने की विधि

  1. सबसे पहले आप किसी चटाई या योग मैट पर अपने दोनों घुटनो को सीधा करके दंड आसन में बैठ जाये।
  2. अब अपने दांये घुटने को मोड़े और अपने बांये कमर के पास लेकर आये।
  3. तथा इसी प्रकार अपने बांये घुटने को मोड़े और अपने दांये कमर के पास लेकर आये।
  4. दोनों घुटने एक के ऊपर एक रहे।
  5. अब ऊपर वाले पैर के हाथो को ऊपर की तरफ से पीछे ले जाये।
  6. और नीचे वाले पैर के हाथो को नीचे की तरफ से पीछे ले जाये।
  7. और दोनों हाथो को पीठ के पीछे आपस में मिला दे।
  8. कुछ समय तक इसी आसन में बने रहे।
  9. और फिर वापस अपने मुद्रा में आ जाये।
  10. इस आसन को आप विपरीत दिशा से भी करे।
  11. अर्थात जो घुटना आपका पहले नीचे था उसे ऊपर करे और जो ऊपर था उसे नीचे करे।

लाभ

  1. इस आसन को करने से कंधे और पीठ को मज़बूती मिलती है।
  2. इसको करने से रीड़ की हड्डिया लचीली हो जाती है।
  3. या आसन किडनी के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
  4. साँस सम्बंधित बीमारियों को भी कम करता है।

जरुरी बाते

दोस्तों योग करना हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण है, जीवन में चाहे कुछ करे या न करे लेकिन योग (yogasan in hindi) को जरूर करे। क्योकि कहा जाता है की जो इलाज दवा से नहीं किया जा सकता है, वह योग करके किया जा सकता है धन्यबाद।

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